बैठक के मुख्य अतिथि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी, विशिष्ट अतिथि प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश तथा मुख्य वक्ता प्रदेश संगठन सचिव मराठवाड़ा सैय्यद अनवर कादरी रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं। समाज की समस्याओं, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कमियों, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और आम जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून का बनना पत्रकारों के लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब कानून का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। कई बार पत्रकारों के साथ धमकी, मारपीट, उत्पीड़न अथवा पत्रकारिता के कार्य में बाधा डालने जैसी घटनाएं होती हैं, लेकिन संबंधित कानून की धाराओं और प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में उचित कार्रवाई नहीं हो पाती।
कुरैशी ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की जानकारी प्रत्येक पत्रकार तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। जिला, तहसील और तालुका स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर पत्रकारों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी संरक्षण और शिकायत की प्रक्रिया की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर संगठन चुप नहीं बैठेगा और लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से उसके साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि संगठन केवल पदाधिकारियों और बैठकों से मजबूत नहीं होता, बल्कि सक्रिय सदस्यों, आपसी एकता, अनुशासन, पारदर्शिता और पत्रकार हितों के लिए निरंतर संघर्ष से मजबूत होता है। उन्होंने पत्रकारों से व्यक्तिगत मतभेदों को अलग रखकर पत्रकार हितों के मुद्दे पर एकजुट होने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों के लिए आवास, चिकित्सा सुविधा और पेंशन योजना को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि पात्र पत्रकारों के लिए सरल एवं पारदर्शी आवास योजना लागू होनी चाहिए। पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ वरिष्ठ एवं जरूरतमंद पत्रकारों के लिए पेंशन योजना को भी सरल बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन पत्रकारों को वास्तविक और प्रमाणित सुरक्षा खतरा है, उनके मामलों का निष्पक्ष आकलन करते हुए नियमानुसार शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाना चाहिए। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है। पत्रकार यदि अलग-अलग रहेंगे तो उनकी आवाज कमजोर होगी, जबकि संगठन के बैनर तले एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने पर शासन-प्रशासन तक प्रभावी संदेश पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र में संगठन को गांव, तहसील, तालुका और जिला स्तर तक मजबूत किया जाएगा। प्रत्येक पदाधिकारी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और संगठन की गतिविधियों को केवल बैठकों तक सीमित न रखकर पत्रकारों की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना होगा।
मुख्य वक्ता एवं प्रदेश संगठन सचिव मराठवाड़ा सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा के लिए संघर्ष के साथ पत्रकारों को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी देना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार घटना के बाद पत्रकार यह तय नहीं कर पाते कि किस कानूनी प्रावधान के तहत शिकायत करनी है। ऐसे में संगठन को समय-समय पर पत्रकार सुरक्षा कानून, पुलिस एवं प्रशासनिक प्रक्रिया और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय तथ्य, दस्तावेज, समाचार सामग्री, शिकायत की प्रतियां और अन्य जरूरी प्रमाण सुरक्षित रखना चाहिए। इससे किसी मामले को प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर मजबूती से उठाने में मदद मिलेगी।
बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, पत्रकारों एवं पुलिस-प्रशासन के लिए जागरूकता कार्यक्रम, पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल संगठनात्मक हस्तक्षेप, पत्रकारों के लिए आवास एवं चिकित्सा सुविधा, पेंशन योजना के सरलीकरण, पात्र पत्रकारों के लिए सुरक्षा संबंधी उपाय, पत्रकार कल्याण योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने तथा संगठन की स्थानीय इकाइयों को सक्रिय एवं मजबूत बनाने सहित कई मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने संकल्प लिया कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा, स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा के लिए इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन लगातार आवाज उठाता रहेगा। किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या उत्पीड़न होने पर संगठन तथ्यों के आधार पर लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से संघर्ष करेगा।
बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष नसीर सय्यद, जिला उपाध्यक्ष फरहान शेख, जिला महासचिव अन्सार सय्यद, जिला सचिव अर्शीद सय्यद, जिला संगठन सचिव गोरख दहिफळे, जिला मीडिया प्रभारी सुरज गवारे, जिला काउंसिल सदस्य जिया सय्यद, किरण कांबले, शहेबाज सय्यद, शेख इरफान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।





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