ईद मिलादुन्नबी पर तुर्कमानपुर में फज्र से असर तक होगी मूए मुबारक की जियारत

गोरखपुर। ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मुबारक मौके पर बुधवार, 26 अगस्त को शहर के तुर्कमानपुर क्षेत्र में अकीदतमंदों को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद ﷺ के मूए मुबारक की जियारत कराई जाएगी। इसको लेकर अकीदतमंदों में खासा उत्साह है और आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने बताया कि 12 रबीउल अव्वल शरीफ के मुबारक अवसर पर फज्र की नमाज के बाद से जोहर तक सुन्नी दारुल कजा, रशीद मंजिल, तुर्कमानपुर में इस्लामी भाइयों के लिए मूए मुबारक की जियारत की व्यवस्था की गई है। अकीदतमंद पूरी अकीदत और एहतराम के साथ जियारत कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि ईद मिलादुन्नबी ﷺ का अवसर पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद ﷺ की विलादत की खुशी मनाने के साथ उनकी पाक सीरत, शिक्षाओं और आदर्श जीवन को याद करने का भी अवसर है। इस मौके पर लोगों को अच्छे अखलाक अपनाने, इंसानियत की सेवा करने तथा समाज में मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाता है।

आयोजकों ने जियारत के लिए आने वाले अकीदतमंदों से अपील की है कि वे कार्यक्रम की गरिमा और धार्मिक भावनाओं का विशेष ध्यान रखें। जियारत के दौरान अनुशासन बनाए रखें और व्यवस्था में सहयोग करें, ताकि सभी लोगों को आसानी और सुकून के साथ जियारत का अवसर मिल सके।

इस्लामी बहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था

ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मौके पर इस्लामी बहनों के लिए भी मूए मुबारक की जियारत की विशेष व्यवस्था की गई है। जोहर की नमाज के बाद से असर तक मकतब इस्लामियात, चिंगी शहीद इमाम चौक, तुर्कमानपुर में इस्लामी बहनों को मूए मुबारक की जियारत कराई जाएगी।

आयोजकों ने इस्लामी बहनों से अपील की है कि वे इस मुबारक अवसर पर तशरीफ लाएं और पूरी अकीदत, अदब व एहतराम के साथ जियारत का अवसर प्राप्त करें। महिलाओं और बच्चों को भी पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की सीरत और उनके आदर्श जीवन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।

आयोजकों का कहना है कि नई पीढ़ी को पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की जिंदगी, उनके बेहतरीन अखलाक और इंसानियत के प्रति उनके संदेश से परिचित कराना समय की अहम जरूरत है। धार्मिक आयोजनों और मिलाद की महफिलों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को नैतिक मूल्यों, भाईचारे और समाजसेवा की भावना से जोड़ने का अवसर मिलता है।

मूए मुबारक की जियारत के दौरान अकीदतमंद पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की पाक सीरत को याद करते हुए देश और समाज में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ करेंगे। आयोजकों ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी ﷺ मोहब्बत, रहमत और इंसानियत का पैगाम देती है। इसलिए इस मुबारक अवसर को आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।

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