आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए फॉर्म पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक परिवारों तक पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की जिंदगी, उनके आदर्शों और शिक्षाओं का संदेश पहुंचाना है।
इस पूरे आयोजन में करीब दो लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। आयोजकों ने समाज के लोगों से अपील की है कि वे इस नेक मुहिम में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें और अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, परिचितों एवं अन्य लोगों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
आयोजकों का कहना है कि सीरत का अध्ययन व्यक्ति के जीवन को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से “सीरत को घर-घर पहुंचाना है” के संकल्प के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने अपील की कि जो लोग इस मुहिम में आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं, वे दिए गए QR Code को स्कैन कर सहयोग राशि भेज सकते हैं। सहयोग करने के बाद भुगतान का स्क्रीनशॉट निम्न नंबरों पर भेजने का अनुरोध किया गया है।
मुहम्मद अनस: 7860799059 (यह क्यूआर कोड इनकी अम्मी का है मोहतरमा ज्या वारसी साहिबा)
नेहाल अहमद: 9235198984
आयोजकों ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ﷺ की सीरत को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की इस कोशिश में हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे।
जज़ाकल्लाहु खैरन।


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