गोरखपुर। शहनाई को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले महान शहनाई वादक और भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महानगर सचिव आफताब अहमद के नेतृत्व में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी कला और देश के प्रति योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर आफताब अहमद ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खां भारतीय संगीत जगत की ऐसी महान शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी शहनाई की मधुर धुन से देश-विदेश में भारत का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने शहनाई को पारंपरिक वाद्य यंत्र की सीमाओं से निकालकर शास्त्रीय संगीत के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसान को कला, हुनर और अपनी मेहनत के जरिए समाज के लिए उपयोगी बनने की प्रेरणा देता है। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां ने अपने हुनर को पूरी जिंदगी संगीत की साधना में लगाया और अपनी कला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया। उनकी सादगी, मेहनत और कला के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है।
आफताब अहमद ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शहनाई भारतीय संस्कृति और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल थी। उनकी कला ने अलग-अलग समुदायों के लोगों को संगीत के माध्यम से जोड़ने का काम किया। उन्हें याद करना भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सद्भाव को सम्मान देना है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में खालिक अली सोनू, शहाबुद्दीन अली घोषी, विनोद विश्वकर्मा, मोहम्मद नदीम, इमामुद्दीन घोषी, बाबू खान, आमिर अली अंसारी, आफताब अहमद, हिमालय कुमार, अनूप यादव और आदिल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने महान संगीत साधक की याद में श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

0 टिप्पणियाँ