मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस


  •  देश के दुश्मनों को हराने के लिए शैक्षिक रूप से मजबूत होना जरूरी: प्रबंधक 
  • आजादी की लड़ाई में मदरसों के उलेमाओं ने दीं कुर्बानियां : हाफिज नज़रे आलम कादरी

गोरखपुर। महानगर के दीवान बाजार स्थित मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति के जज़्बे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हाजी सैय्यद तहव्वर हुसैन ने तिरंगा फहराकर सलामी दी। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सम्मानपूर्वक राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मदरसे के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, प्रस्तुतियों और नाटक के माध्यम से समां बांध दिया। बच्चों और शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया। आईमन ने कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत की। हामिद अशरफ और मोहम्मद अशरफ ने “ये हिंदुस्तान हमारा है...”, रोशनी ने “मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा ये वतन”, जबकि सबा और सामिया खातून ने “तेरा हिमालय आकाश छू ले” प्रस्तुत कर लोगों में देशभक्ति का जज़्बा पैदा किया।

उमैरा और जोया ने “हमने तेरे परचम को...” तथा अलहम्द कुरैशी ने “दुनिया में सदा मुल्क का सम्मान रहेगा...” देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन नवेद आलम ने किया।

मुख्य अतिथि तहव्वर हुसैन ने कहा कि आज के दौर में जो ताकतें देश को कमजोर करने में लगी हैं, उन्हें परास्त करने के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा को हथियार बनाना जरूरी है। शैक्षिक रूप से मजबूत होकर ही देश विरोधी ताकतों का मुकाबला किया जा सकता है।

मदरसे के प्रधानाचार्य हाफिज नज़रे आलम कादरी ने कहा कि देश को आजाद कराने की जंग में मदरसों के उलेमाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनेक उलेमाओं ने अपनी जानों की कुर्बानी दी। उन्होंने कहा, “हमारे दिलों में हिंदुस्तान बसता है। हम हिंदुस्तान के हैं और हिंदुस्तान हमारा है।”

कार्यक्रम में शहर मुफ्ती अख्तर हुसैन, मौलाना निसार अहमद, मौलाना मोहम्मद रियाजउद्दीन, क़ारी मोहम्मद अनीस, क़ारी मोहम्मद शरफुद्दीन, क़ारी मोहम्मद इसहाक, हाफिज़ मोहम्मद क़ासिम, हाफिज रियाज अहमद, मौलाना मोहम्मद इदरीस, हाफिज अबु अहमद, अब्दुल हमीद, मोहम्मद तल्हा, मोहम्मद नसीम खान, आफताब आलम, मोहम्मद इस्माइल खान, हिमायतुल्लाह खान, मोहम्मद हाशिम, मोहम्मद इरफान, जलालुद्दीन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन देश की एकता, अखंडता और खुशहाली की दुआ के साथ हुआ।

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