गोरखपुर। सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय अल खैर चैरिटेबल ट्रस्ट एवं गुलशने रज़ा एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को तुर्कमानपुर में आयोजित आयुष्मान कार्ड कैंप का दूसरा चरण बेहद सफल रहा। कैंप में गोरखपुर शहर के लगभग सभी मोहल्लों से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और ऑनलाइन व ऑफलाइन सुविधाओं का लाभ उठाया।
सुबह से ही कैंप स्थल पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद कैंप की पूरी व्यवस्था नज़्म-ओ-ज़ब्त और बेहतर प्रबंधन के साथ संचालित होती रही। लोगों की सुविधा के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक लगातार मुस्तैद रहे।
कैंप के दौरान लाल राशन कार्ड (अंत्योदय) धारकों के आयुष्मान कार्ड आसानी से बन गए। वहीं सफेद राशन कार्ड (पात्र गृहस्थी) धारकों को सरकारी सूची में नाम शामिल न होने के कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों के राशन कार्ड में यूनिटों की संख्या पांच या उससे अधिक होने के बावजूद मुख्य सरकारी सूची में नाम नहीं मिलने से उन्हें निराशा हुई।
ऐसे लोगों की परेशानियों को देखते हुए अल खैर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से उन्हें पूरी तरह निःशुल्क तकनीकी सहायता, मार्गदर्शन एवं परामर्श दिया गया। ट्रस्ट ने लोगों को भविष्य में पात्रता संबंधी समस्या का समाधान कराने और सरकारी सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। संस्था की इस पहल की लोगों ने सराहना की।
कैंप की सफलता पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वाजिद एवं इरफान के विशेष सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कैंप को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने और आम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ट्रस्ट के अध्यक्ष इंजीनियर सेराज अहमद कादरी एवं सेक्रेटरी शाहनवाज़ अहमद ने क्षेत्रवासियों के विश्वास और सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि संस्था अपने मूल उद्देश्य “Spreading Kindness & Knowledge” के तहत समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेगी। वहीं गुलशने रज़ा एकेडमी की प्रिंसिपल एवं लेडीज विंग सुप्रीमो मुअल्लिमा आलिमा फाज़िला मोहतरमा सबीहा खातून अमजदी राईन ने महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी की सराहना की।
कैंप को सफल बनाने में ट्रस्ट के ख़ज़ान्ची एडवोकेट मोहम्मद आज़म, क़ानूनी मुशीर महफूज़ आलम, मुदीर शोभित नंदन, सोशल मीडिया इंचार्ज शादाब अब्दुल कादिर, इंजीनियर मोहम्मद नवाज़ राईन तथा दीनी विंग इंचार्ज हाफिज सलमान अशरफी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी फैय्याज अहमद, इंजीनियर ज़ुबैर अहमद, सय्यद तौसीफ आलम, अहमद कुरैशी, ओबैद, रुकन मोहम्मद सैफ सहित अन्य सहयोगियों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।


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