4 रबीउल आखिर 1448 हिजरी/17 सितंबर 2026 बाद नमाज मगरिब जुमेरात
गोरखपुर। शाहजादा-ए-शारेह बुखारी हजरत हाफिज व कारी मौलाना हमीदुल हक साहब घोस्वी से कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी को विभिन्न दीनी व रूहानी अमल की इजाजत हासिल हुई। यह इजाजत दलाइलुल खैरात, कसीदा-ए-बुर्दा, हिज्बुल बह्र समेत उन तमाम अमल व तावीजात के लिए दी गई है, जिनकी इजाजत मौलाना हमीदुल हक साहब को उनके बुजुर्गों और उस्तादों से मिली थी।
बताया गया कि हजरत हाफिज व कारी मौलाना हमीदुल हक साहब घोस्वी, जिन्हें शाहजादा-ए-शारेह बुखारी के नाम से भी जाना जाता है, वर्तमान समय में दक्षिण अफ्रीका में निवासरत हैं। उन्होंने कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी को उक्त वजीफों, औराद, अमल और तावीजात की अनुमति प्रदान की है। इसे दीनी और रूहानी सिलसिले में एक महत्वपूर्ण इजाजत के तौर पर देखा जा रहा है।
दलाइलुल खैरात दुरूदो सलाम पर आधारित प्रसिद्ध किताब है, जबकि कसीदा-ए-बुर्दा इस्लामी दुनिया में अपनी प्रसिद्धि रखने वाली नातिया रचना है। इसी तरह हिज्बुल बह्र भी मशहूर विर्द में शामिल है। इनसे संबंधित इजाजत का उद्देश्य इन्हें निर्धारित तरीके और बुजुर्गों से चली आ रही रिवायत के मुताबिक पढ़ने और आगे पहुंचाने की अनुमति माना जाता है।
मिली जानकारी के अनुसार मौलाना हमीदुल हक साहब को स्वयं इन अमल व तावीजात की इजाजत शारेह बुखारी, मुफ्ती शरीफुल हक अमजदी रहमतुल्लाह अलैह तथा ताजुश्शरिया रहमतुल्लाह अलैह से मिली थी। इसी इजाजती सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी को भी इसकी अनुमति प्रदान की गई है।
कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी लंबे समय से दीनी, तालीमी और रूहानी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इस इजाजत के मिलने के बाद उनके चाहने वालों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि बुजुर्गाने दीन से हासिल होने वाली इजाजत केवल किसी अमल की अनुमति नहीं बल्कि उससे जुड़ी जिम्मेदारी और अदब की भी याद दिलाती है।
इस अवसर पर कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि औराद, वजाइफ और रूहानी अमल में हमेशा शरीअत, सुन्नत, अदब और बुजुर्गों की बताई हुई राह को सामने रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से दीन की बुनियादी शिक्षाओं पर अमल, नमाज की पाबंदी, अच्छे अखलाक और जरूरतमंदों की मदद को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।
मौलाना हमीदुल हक साहब की ओर से मिली यह इजाजत कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी के लिए आध्यात्मिक जिम्मेदारी और बुजुर्गों की परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम मानी जा रही है। इजाजत की खबर फैलते ही उनसे जुड़े लोगों और अकीदतमंदों ने खुशी का इजहार करते हुए मुबारकबाद पेश की।



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