रबीउल अव्वल शरीफ़ की 12 तारीख को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ मनाया जाएगा। इस वर्ष 12 रबीउल अव्वल 26 अगस्त 2026 को पड़ रही है। इस अवसर पर पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु तआला अलैहि व आलिही वसल्लम की विलादत-ए-मुबारक की खुशी में विभिन्न स्थानों पर महफिल-ए-मिलाद, नात-ए-पाक, सलातो-सलाम और सीरत के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रबीउल अव्वल में कई बुजुर्गाने दीन और इस्लामी हस्तियों के उर्स-ए-मुबारक भी आते हैं। 1 रबीउल अव्वल को उम्मुल मोमिनीन हज़रते सैयदा जवेरिया बिन्ते हारिस रदियल्लाहु अन्हा का विसाल हुआ। आपका मजार जन्नतुल बकी, मदीना मुनव्वरा में है।
3 रबीउल अव्वल को हज़रत ख्वाजा सैयद मुहम्मद बहाउद्दीन नक्शबंद रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-मुबारक होता है। आपका मजार बुखारा, उज्बेकिस्तान में है। 5 रबीउल अव्वल को हज़रत सैयद मुहम्मद सुलेमान अशरफ बिहारी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स मनाया जाता है, जिनका मजार अलीगढ़ में है।
8 रबीउल अव्वल को हज़रत इमाम हसन अस्करी रदियल्लाहु अन्हु का विसाल हुआ। आपका मजार सामरा, इराक में है। 10 रबीउल अव्वल को हज़रत सुल्तान शेर शाह सूरी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-मुबारक है, जिनका मजार सासाराम, बिहार में है।
12 रबीउल अव्वल को हज़रत इमाम अहमद बिन हंबल रहमतुल्लाह अलैह का विसाल हुआ। आपका मजार बगदाद, इराक में है। इसी दिन पैग़ंबर-ए-आज़म ﷺ की विलादत-ए-मुबारक की खुशी में ईद मिलादुन्नबी ﷺ का जश्न भी मनाया जाता है।
13 रबीउल अव्वल को हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियरी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-मुबारक होता है। आपका मजार कलियर, रुड़की, उत्तराखंड में है। 14 रबीउल अव्वल को हज़रत इमाम मालिक बिन अनस रहमतुल्लाह अलैह तथा हज़रत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स आता है। हज़रत इमाम मालिक का मजार मदीना मुनव्वरा और ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी का मजार महरौली, नई दिल्ली में है।
इसके अलावा 21 रबीउल अव्वल को हज़रत शैख अब्दुल हक मुहद्दिस देहलवी रहमतुल्लाह अलैह और 23 रबीउल अव्वल को हज़रत राबिया बसरी अल-अदविया रहमतुल्लाह अलैहा का उर्स-ए-मुबारक मनाया जाता है। हज़रत शैख अब्दुल हक मुहद्दिस देहलवी का मजार महरौली, नई दिल्ली तथा हज़रत राबिया बसरी का मजार जेरुसलम में बताया जाता है।
रबीउल अव्वल के संबंध में यह भी उल्लेख किया जाता है कि 18 रबीउल अव्वल 1 हिजरी को पैग़ंबर-ए-आज़म ﷺ ने मस्जिद-ए-नबवी की बुनियाद रखी थी।
माह-ए-रबीउल अव्वल को लेकर आशिकाने रसूल ﷺ में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस मुकद्दस महीने में घर-घर सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ का पैगाम पहुंचाने, नात-ए-पाक पढ़ने और पैग़ंबर-ए-आज़म ﷺ की मुबारक जिंदगी के आदर्शों को अपनी जिंदगी में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
“निसार तेरी चहल-पहल पर हजारों ईदें रबीउल अव्वल, सिवाय इब्लीस के जहां में सभी तो खुशियां मना रहे हैं।”
“1501 सालह मिलाद मनाना है, घर-घर में सीरत ﷺ पहुंचाना है।”

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