आठ बच्चियों की ‘आमीन की रस्म’ पर बांटे गए सर्टिफिकेट और उपहार
गोरखपुर, 12 अगस्त। ग्राम चाफा, मिर्जापुर बाजार स्थित मदरसा अरबिया शम्सुल उलूम में बुधवार को महिलाओं का विशेष दीनी इज्तिमा ‘जश्ने इमाम हसन रज़ियल्लाहु अन्हु’ अकीदत व एहतराम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं विशेष अतिथि के रूप में मशहूर सहर-बयान ख़तीबा मुअल्लिमा, आलिमा फ़ाज़िला सबीहा ख़ातून राईन अमजदी स्माइली गोरखपुरी साहिबा ने शिरकत की।
इज्तिमा का सबसे खास और भावुक पल उस समय आया, जब मदरसे की आठ बच्चियों के कुरआन-ए-पाक का नाज़रा मुकम्मल होने पर ‘आमीन की रस्म’ अदा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आलिमा सबीहा ख़ातून साहिबा के हाथों बच्चियों को सम्मान सर्टिफिकेट और खूबसूरत उपहार देकर उनकी हौसला-अफ़ज़ाई की गई।
सर्टिफिकेट और उपहार पाने वाली बच्चियों में नाज़रा ख़ातून, अफ़साना ख़ातून, आयत ख़ातून, अलअमीन ख़ातून, अरीशा ख़ातून, आमिना ख़ातून, अलशिफ़ा ख़ातून और सिद्दीक़ा ख़ातून शामिल रहीं। उपहार और प्रमाणपत्र पाकर बच्चियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उपस्थित महिलाओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य और दीनी तरक्की के लिए दुआ की।
इमाम हसन की सुल्ह आज के दौर की जरूरत
मुख्य वक्ता आलिमा सबीहा अमजदी ने ‘इमाम हसन और ख़िलाफ़त-ए-राशिदा’ विषय पर संबोधित करते हुए हदीस और इतिहास के हवाले से हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु अन्हु की सीरत और उनके किरदार पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हसन रज़ियल्लाहु अन्हु ने उम्मत के व्यापक हित और मुसलमानों के बीच खून-खराबा रोकने के लिए सुल्ह और अमन का रास्ता अपनाया।
उन्होंने कहा कि इमाम हसन रज़ियल्लाहु अन्हु की ज़िंदगी से आज की माताओं और बहनों को भी यह सबक मिलता है कि घर और समाज में आपसी मतभेदों को बढ़ाने के बजाय आपसी मोहब्बत, इत्तेहाद और सुलह को बढ़ावा देना चाहिए।
पर्दे और सुरक्षा का रहा विशेष इंतजाम
कार्यक्रम पूरी तरह महिलाओं के लिए मख़सूस रहा। पर्दे और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। चाफा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ख़वातीन ने इज्तिमा में शिरकत की। असर की अज़ान के समय मुल्क में अमन-ओ-चैन, भाईचारे और आपसी मोहब्बत की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हाफ़िज़ मोहम्मद सलमान अशरफ़ी और मदरसा कमेटी के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में अहलियान-ए-मोहल्ला एवं समस्त ख़वातीन-ए-इस्लाम की ओर से मुख्य वक्ता तथा दूर-दराज से पहुंची सभी बहनों का शुक्रिया अदा किया गया।

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