परचम कुशाई, शजरकारी और नातिया महफिल के साथ मनाया गया आज़ादी का जश्न


गोरखपुर। अल खैर चैरिटेबल ट्रस्ट और गुलशने रज़ा एकेडमी के मुश्तरका एहतमाम में यौम-ए-आज़ादी के मौके पर आज़ादी का जश्न बेहद अदब, एहतराम और देशभक्ति के जज़्बे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुल्क की आज़ादी की खुशी के साथ 12 रबीउल अव्वल शरीफ के चांद की आमद पर खुशी और शुक्र का इज़हार किया गया। इस मौके पर ट्रस्ट के दफ्तर को खूबसूरती से सजाया गया था।

शनिवार की सुबह ठीक आठ बजे काज़ी-ए-शहर मुफ्ती मुहम्मद अज़हर शम्सी और मेहमान-ए-खास मौलाना दानिश रज़ा मरकज़ी की मौजूदगी में अल खैर चैरिटेबल ट्रस्ट के सदर इंजीनियर सेराज अहमद क़ादरी ने पूरे अदब व एहतराम के साथ परचम कुशाई की। इसके बाद हज़रत मुबारक ख़ान शहीद अलैहिर्रहमा के कब्रिस्तान में शजरकारी की गई। नीम और अमरूद समेत विभिन्न पौधे लगाकर पर्यावरण की हिफाज़त का पैगाम दिया गया।


इस मौके पर मुल्क की आज़ादी के लिए अपनी जानों का नज़राना पेश करने वाले शहीदाने वतन को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज़ादी अल्लाह तआला की बड़ी नेमत है और इसकी हिफाज़त के साथ मुल्क की तरक्की, अमन व भाईचारे के लिए हर नागरिक को अपना किरदार अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम वतन से मोहब्बत, अमन, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम देता है।

कार्यक्रम में नातिया और रूहानी महफिल भी सजी। ट्रस्ट के खास मेंबर और नात ख्वां हाफिज सलमान अशरफी ने बारगाह-ए-रिसालत ﷺ में नात का नजराना पेश किया। गुलशने रज़ा एकेडमी की होनहार छात्राओं शबनम खातून और जोया ने भी नात-ए-पाक पेश कर महफिल को रूहानी कैफियत से सराबोर कर दिया।

इसके बाद ट्रस्ट के लीगल एडवाइजर महफूज ने वतन से मोहब्बत का जज़्बा पैदा करने वाला देशभक्ति गीत पेश किया। गुलशने रज़ा एकेडमी की प्रिंसिपल मुअल्लिमा आलिमा सबीहा खातून अमजदी राईन, शिक्षिकाओं तथा छात्राओं अलीशा ख़ान, नूर फातिमा समेत अन्य छात्राओं ने आज़ादी का तराना पेश किया। छात्राओं ने आज़ादी की अहमियत और मुल्क की तरक्की में नौजवान नस्ल की जिम्मेदारियों पर भी रोशनी डाली।

वक्ताओं ने कहा कि हिन्दुस्तान की सरज़मीन से मुसलमानों का गहरा रिश्ता रहा है। मुल्क की आज़ादी की जद्दोजहद में उलमा, मशाइख और मुसलमानों ने भी बड़ी कुर्बानियां पेश कीं। इसलिए आज़ादी का दिन हमारे लिए शुक्र, खुशी और अपने वतन से मोहब्बत के इज़हार का दिन है।

महफिल के आखिर में काज़ी-ए-शहर मुफ्ती मुहम्मद अज़हर शम्सी की कियादत में बारगाह-ए-इलाही में खास दुआ की गई। दुआ में मुल्क-ए-अज़ीज़ हिन्दुस्तान की सलामती, तरक्की, खुशहाली, अमन व अमान, आपसी भाईचारे और पूरे मुल्क में आपसी मोहब्बत व सौहार्द कायम रहने की दुआ की गई। साथ ही तमाम शहीदाने वतन के लिए दुआ और मुल्क की तरक्की व खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी गईं।

कार्यक्रम में अल खैर चैरिटेबल ट्रस्ट और गुलशने रज़ा एकेडमी के पदाधिकारी, उस्ताद, तालिबात और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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