पत्रकारों के लिए महाराष्ट्र विधान परिषद में पृथक निर्वाचन क्षेत्र की उठी मांग


  •  डॉ. विजय कुमार निलावर को बनाया गया इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का राष्ट्रीय संरक्षक, पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन समेत कई मुद्दों पर हुआ मंथन

हिंगोली, महाराष्ट्र। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, हिंगोली की महत्वपूर्ण बैठक शासकीय विश्रामगृह में आयोजित हुई। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार, संगठन की मजबूती तथा पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के मुख्य अतिथि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी तथा विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विजय कुमार निलावर रहे। अध्यक्षता प्रदेश सचिव मराठवाड़ा अनिल खडसे ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष देवदास खरात ने किया।

बैठक में पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। इसके बावजूद समाचार संकलन और प्रकाशन के दौरान उन्हें धमकी, दबाव, उत्पीड़न, मारपीट और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।

बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि कानून बनने के बावजूद कई मामलों में पत्रकारों की शिकायतों और उत्पीड़न की घटनाओं में संबंधित धाराओं के तहत प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। इससे कानून का उद्देश्य कमजोर होता है और पीड़ित पत्रकार को न्याय के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वक्ताओं ने पत्रकारों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा कानून के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

  • विधान परिषद में पत्रकारों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग

बैठक में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मांग रखते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद में पत्रकारों के लिए पृथक पत्रकार निर्वाचन क्षेत्र बनाने की दिशा में पहल करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थागत प्रतिनिधित्व मिलने से पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को नीति निर्माण के स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा। इस विषय पर सरकार, पत्रकार संगठनों और पत्रकारों के बीच व्यापक विमर्श की आवश्यकता बताई गई।

  • संगठन की मजबूती पर जोर

राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं का स्थायी समाधान मजबूत और एकजुट संगठन के माध्यम से ही संभव है। पत्रकारों को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि संगठित होकर अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़नी होगी। संगठन को जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने, नियमित बैठकें आयोजित करने तथा पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पत्रकार हितों, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। पत्रकार उत्पीड़न की किसी भी घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा।

इसी दौरान वरिष्ठ पत्रकार दूरदर्शन डॉ. विजय कुमार निलावर को इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का राष्ट्रीय संरक्षक घोषित किया गया। इस घोषणा का उपस्थित पत्रकारों ने स्वागत किया।

आवास, चिकित्सा और पेंशन योजना की मांग

बैठक में पत्रकारों के लिए आवास योजना लागू करने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवा दे रहे अनेक पत्रकार आज भी अपने आवास से वंचित हैं। पात्र और जरूरतमंद पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने के लिए सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

इसके अलावा पत्रकारों और उनके आश्रित परिवारों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को बीमारी अथवा आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इसलिए पत्रकारों के लिए प्रभावी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा योजना लागू की जानी चाहिए।

वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए कहा गया कि लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ एवं जरूरतमंद पत्रकारों को सम्मानजनक जीवन के लिए सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। पेंशन की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को सरल करने तथा अनावश्यक कागजी औपचारिकताओं को कम करने पर जोर दिया गया।

मान्यता प्रक्रिया सरल करने की मांग

बैठक में मान्यता प्राप्त पत्रकार बनने की प्रक्रिया को भी सरल, स्पष्ट, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले लंबे समय से सक्रिय पत्रकारों को मान्यता प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए।

साथ ही पत्रकारिता को अधिक पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया गया। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारों को तथ्यपरकता, भाषा, कानून, मीडिया आचार-संहिता और तकनीकी पत्रकारिता का प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता बताई गई।

वास्तविक सुरक्षा खतरे वाले पत्रकारों को सुरक्षा देने की मांग

बैठक में उन पत्रकारों के लिए शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने की मांग की गई, जिन्हें पत्रकारिता के कारण वास्तविक और गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ता है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा खतरे का निष्पक्ष आकलन कर नियमानुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए तथा पात्र पत्रकारों के आवेदनों पर शीघ्र निर्णय होना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय कुमार निलावर ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार लिखने का कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है। पत्रकारों को निष्पक्षता, निर्भीकता और तथ्यपरकता के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारों की रक्षा के साथ पत्रकारों को अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना होगा। पत्रकार हितों के साझा मुद्दों पर सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करना चाहिए।

अध्यक्षता कर रहे अनिल खडसे ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं पर केवल चर्चा करने से समाधान नहीं होगा, बल्कि उनके लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों के पत्रकारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उत्पीड़न की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेने का आह्वान किया।

जिला अध्यक्ष देवदास खरात ने हिंगोली जिले में संगठन को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिले के पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर संबंधित अधिकारियों और सरकार के समक्ष रखा जाएगा। संगठन का उद्देश्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पत्रकारों को ऐसा मजबूत मंच उपलब्ध कराना है जहां उनकी समस्याओं की सुनवाई हो और जरूरत पड़ने पर संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा रहे।

बैठक के अंत में उपस्थित पत्रकारों एवं पदाधिकारियों ने पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, आवास एवं चिकित्सा सुविधा, पेंशन योजना के सरलीकरण, मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाने, वास्तविक सुरक्षा खतरे वाले पत्रकारों को नियमानुसार सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा पत्रकारिता को अधिक पेशेवर एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने सहित विभिन्न मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अनिल खडसे, प्रदेश सचिव मराठवाड़ा, देवदास खरात, जिला अध्यक्ष हिंगोली, हरिभाऊ रणबावळे, जिला उपाध्यक्ष हिंगोली, राजू गवली, जिला सचिव, अश्रूजी घाणघावं, जिला काउंसिल सदस्य सहित अनेक पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में पत्रकारों की एकता को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पत्रकार हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

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