ईदुल फित्र की नमाज के लिए जाते हुए रास्ते में अहिस्ता से तकबीरे तशरीक

तक़्बीरे तशरीक़ गोरखपुर। अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, लाइलाहा इल्लल्लाह। वल्लाहु अकबर,अल्लाहुु अकबर, व लिल्लाहिल हम्द।। पढ़ी जायेगी। नमाज ईदगाह में जाकर पढ़ना और रास्ता बदल कर आना, पैदल जाना और रास्ते में तकबीरे तशरीक पढ़ना सुन्नत हैं।

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