बाबरी पर सियासत न करें कोर्ट पर भरोसा रखें

बरेली। अयोध्या प्रकरण पर आरएसएस प्रमुख भागवत के बयान के बाद हो रही सियासत पर आला हजरत के उर्स में आए उलमाओं ने नाइत्तेफाकी जताते हुए मशवरा दिया है कि अदालत पर भरोसा रखें और इस मसले पर कोई भी कुछ न कहे। भागवत के राम मंदिर निर्माण और आजम खां के बयान को सिर्फ सियासी खेल हैं। पटना (बिहार) के मुफ्ती सय्यद अहमद रजा ने कहा है कि यह मुद्दा अब कोर्ट का है। मोहन भागवत ने एक भड़काऊ बयान दे दिया है वह इस तरह के बयान देते रहते हैं। जहां तक उत्तर प्रदेश के शहर विकास मंत्री आजम खां के बयान का सवाल है तो वह सियासी बयान है। प्रदेश की हुकूमत आजम खां के माध्यम से मुस्लिमों की हमदर्दी व वोट हासिल करना चाहती हैं। जम्मू कश्मीर के मुफ्ती सय्यद बिशारत अली का कहना है कि बाबरी मस्जिद, मस्जिद है। वह कयामत तक रहेगी। जहां तक मोहन भागवत के बयान की बात तो वह अपनी मर्जी के मालिक हैं कुछ भी बयान दें। हम तो इस्लाम के पाबंद हैं अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कह सकते। हम शरियत की रोशनी में इस मामले को देखते हैं।

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