शब-ए-कद्र की पहली रात में खूब हुई इबादत


शब-ए-कद्र की पहली ताक रात में मस्जिद इबादत करने वालों से आबाद रही। अल्लाह के बंदों ने इबादत कर गुनाहों से माफी मांगी। मगरिब की नमाज के बाद इबादत का यह सिलसिला सुबह की फज्र तक चलता रहा। मस्जिद व घरों से तिलावत-ए-कुरआन पाक की आवाज आती रही।लोगों ने कसरत से फर्ज नमाजों के साथ नफील नमाजें अदा की। तस्बीह पढ़ी गयीं। घरों में महिलाएं भी इबादत में मशगूल रही।  जहन्नम से आजादी की दुआएं मांगी गयी। अब शब-ए-कद्र को रमजान की 23, 25, 27, 29 वीं की ताक रात में तलाशा जायेगा ।

---------------------------


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इमामे आज़म अबू हनीफा नोमान बिन साबित रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी : Imam e Azam Abu Hanifa

जकात व फित्रा अलर्ट जरुर जानें : साढे़ सात तोला सोना पर ₹ 6418, साढ़े बावन तोला चांदी पर ₹ 616 जकात, सदका-ए-फित्र ₹ 40

*गोरखपुर में डोमिनगढ़ सल्तनत थी जिसे राजा चंद्र सेन ने नेस्तोनाबूद किया*