गोरखपुर : गाजी मस्जिद गाजी रौजा में एक कुरआन शरीफ मुकम्मल

इबादत कर गुनाहों से माफी मांगें : मुफ्ती अख्तर


गाजी मस्जिद गाजी रौजा में तरावीह में एक कुरआन शुक्रवार को मुकम्मल हुआ। हाफिज व कारी अयाज अहमद ने अदबो एहतराम व किरत के साथ तरावाही में पूरा कुरआन पढ़ाया।


इस दौरान मीलाद शरीफ का आयोजन हुआ। इस मौके पर मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि रमजान में कुरआन नाजिल हुआ। इस माह शब-ए-कद्र की रात है जिसमें इबादत करने वालों को  खूब सवाब उनके नामा-ए- आमाल में लिखा जाता है। उन्होंने कहा  कि तरावीह की नमाज पूरे रमजान तक पढ़नी हैं।


अपील करते हुए कहा कि सदका-ए-फित्रा व जकात जल्द अदा करें ताकि जरुरतमंद अपनी जरुरतें पूरी कर लें। जहन्नम से आजादी का अशरा शुरु हो चुका है लिहाजा खूब इबादत करें और गुनाहों की माफी मांगे। इस मौके पर सलातो सलाम पढ़ कर मुल्क के लिए अमन चैन की दुआएं मांगी गई । सभी ने एक दूसरे को मुबाकरबाद दी। इसके बाद शीरीनी तक्सीम की गयी। इस मौके पर मस्जिद के पेश इमाम  हाफिज रेयाज अहमद, मोहम्मद आजम, मोहसिन खान, सैयद मेहताब अनवर,  मो. ताबिश सिद्दीकी, शहबाज सिद्दीकी , शीराज सिद्दीकी , मो. जकी सिद्दीकी, जमाल अहमद, हाजी उबैद  अहमद, सैयद मेहताब अनवर, नौशाद अनवर, मोहम्मद आसिफ,  हाजी औरंगजेब, खुर्शीद अहमद,  मोहम्मद नासिर, हाजी शब्बीर अहमद,  मोइनुद्दीन उर्फ सज्जू, नासिफ, मोहम्मद दबीर, शादाब,  मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद शमशुल हुदा, सलीम, जमशेद, मेराज, मो. जिशान, मो. अयूब खान,  गुलाम अली खां, फैसल, आफताब, अदील, जाकिर अली, इमरान, तनवीर अहमद,  फहीम, शम्सी, कासिफ, करीम, शहनवाज, नदीम, शमीम, हाजी राजिक,  सहित तमाम लोग मौजूद रहें।


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