क़ज़वीनी ( 1100 ई० 1182 ई.) : Untold Muslim Scientist, philosophers story


 

क़ज़वीना का पूरा नाम इबादुद्दीन जकरिया महमूद क़ज़वीनी है। उनका जन्म क़ज़वीन नगर में हुआ। जहाँ बड़े-बड़े विद्वान गुज़रे हैं। इसी शहर के कारण उनके नाम में क़ज़वीनी लगा हुआ है। ।

अरब भूगोल शास्त्रियों की विशेषता है कि वह अपनी पुस्तकों में भूगोल के साथ इतिहास, कथाओं और वृत्तांत के साथ-साथ उपयोगी जानकारी भी देते हैं। इन पुस्तकों को पढ़ते हुए पाठक नीरसता का शिकार नहीं होता और उसकी रुचि बनी रहती है।

क़ज़वीनी विज्ञान ही नहीं इस्लामी धर्मशास्त्र के भी बड़े ज्ञानी थे वह वासित और हल्ला नगरों के न्यायधीश थे। आपने भूगोल, अंतरिक्ष और भूमि व सागर की स्थितियों का पूर्ण विवरण अपनी पुस्तक ‘अजाइबुलमखलूक़ात-व-ग़राइबुल-मौजूदात’ में किया है। दिनों, महीनों के बनने, पर्वतों की बनावट और भूगर्भ शास्त्र पर भी उपयोगी जानकारी दी गई है। उन्होंने खनिजों और वनस्पतियों का विवरण भी किया है।

पुस्तक के दूसरे भाग में विभिन्न देशों का हाल, जलवायु और जीव-जन्तुओं के बारे में लिखा है। एक ज़माने तक पश्चिम में इस पुस्तक के मुक़ाबले की दूसरी पुस्तक न लिखी गई। यूरोप में इसका अनुवाद विंस्टफ़ील्ड ने किया। यह दिलचस्प किताब फ़ारसी और तुर्की भाषाओं में भी प्रकाशित हो चुकी है।

क़ज़वीनी ने भूगोल पर दो और पुस्तकें ‘आसारुल बिलाद’ और ‘अखबारुल बिलाद’ लिखीं। आसारुल बिलाद में ईरान के कवियों का हाल भी दर्ज है।

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