हज व उमरा की फजीलत बताई गई












 

-दावते इस्लामी इंडिया की पहली हज ट्रेनिंग 


गोरखपुर। जिले के करीब सौ हज यात्रियों को नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद में रविवार को दावते इस्लामी इंडिया की ओर से पहली हज ट्रेनिंग दी गई। हज के अरकान व फजीलत पर रौशनी डाली गई। ट्रेनिंग 1, 8, 15, 22 व 29 दिसंबर को भी दी जाएगी।


हज ट्रेनर हाजी मोहम्मद आज़म अत्तारी ने हज यात्रियों को घर से रवाना होने से लेकर लौटकर आने तक के मसलों और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी। हज की नियत करने का तरीका बताया। साथ ही हज पर ले जाने वाले सामानों की लिस्ट व तैयारी, तल्बिया यानी ‘लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक’ का अभ्यास कराया। 


उन्होंने कहा कि हज इस्लाम का अहम फरीजा है। अल्लाह ने 9 हिजरी में हज फ़र्ज़ फरमाया। जो मालदारों पर फ़र्ज़ है, वह भी ज़िंदगी में सिर्फ एक बार। इसे दिल से अदा करना चाहिए। हज बेहद अहम इबादत है। पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि मकबूल हज करने वाला ऐसा होता है मानो आज ही मां के पेट से पैदा हुआ हो। उसके सभी गुनाह माफ़ हो जाते हैं। 


ट्रेनिंग की शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई। अंत में दरूद ओ सलाम पढ़कर नेक व एक बनने की दुआ मांगी गई। ट्रेनिंग में फरहान अत्तारी, इब्राहीम अत्तारी, अहमद अत्तारी, अदनान अत्तारी, रमज़ान अत्तारी, नेहाल अत्तारी सहित तमाम हज यात्री मौजूद रहे।

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