बुजुर्ग बिन शहरयार (जन्म दसवीं शताब्दी) :Untold Muslim Scientist, philosophers story


 


बुजुर्ग बिन शहरयार प्रसिद्ध मुसलमान यात्री गुज़रे हैं जिन्होंने दसवीं शताब्दी में सुदूर देशों की यात्राएं कीं और उन देशों की रोचक जानकारी लिखी। उन्हें बचपन से ही समुद्री यात्राओं का शौक़ था इसलिए उन्होंने जहाजरानी में दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी। उन्होंने अपने अनुभव और अवलोक का विस्तार से वर्णन किया है।

उनका सफ़रनामा ‘अजाइबुल हिंद’ बड़ा मशहूर हुआ जिसमें उन्होंने दक्षिण पूर्व एशिया और हिन्द महासागर का विस्तार से वर्णन किया है। उन्होंने यहाँ के द्वीपों पर जाने वाले बहादुर नाविकों और आश्चर्यजनक चीज़ों की इतनी रोचक जानकारी दी है कि बड़ों के साथ बच्चे भी उसे दिलचस्पी से पढ़ते हैं। दरअसल अरब नाविक अपनी यात्राओं को रोचक बनाकर इसलिए लिखते थे ताकि दूसरे लोगों को उन स्थानों पर जाने का शौक़ पैदा हो। इन यात्रा वर्णनों में भूगोल और समुद्री ज्ञान का भण्डार छिपा पड़ा है।

बुजुर्ग बिन शहरयार के सफ़रनामे की उस ज़माने में बड़ी मांग थी नाविक और आम लोग उसे शौक़ से पढ़ते थे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

*गोरखपुर में डोमिनगढ़ सल्तनत थी जिसे राजा चंद्र सेन ने नेस्तोनाबूद किया*

जकात व फित्रा अलर्ट जरुर जानें : साढे़ सात तोला सोना पर ₹ 6418, साढ़े बावन तोला चांदी पर ₹ 616 जकात, सदका-ए-फित्र ₹ 40

इमामे आज़म अबू हनीफा नोमान बिन साबित रदियल्लाहु अन्हु की हालाते ज़िन्दगी : Imam e Azam Abu Hanifa