औलिया चलपी : Untold Muslim Scientist, philosophers story

 


(25 मार्च 1411 ई. 1484 ई.) औलिया चलपी का पूरा नाम औलिया बिन दुरवेश मुहम्मद ज़की है। वह अपने युग के महान यात्री हैं जिन्होंने चालीस वर्ष यात्रा में गुजारे। उन्हें विभिन्न देशों की जानकारी का बहुत शौक़ था जिसके लिए उन्होंने वर्षों सफ़र करके विभिन्न देशों के हालात को लिपिबद्ध किया और दस खण्डों में अपना सफ़मा ‘तारीख़ुस औलिया चलपी सय्याह’ के नाम से लिखा। उन्होंने उस समय संसार के सबसे बड़े उसमानी साम्राज्य (Ottoman Empire) के आस-पड़ोस के देशों के हालात लिखे हैं।

औलिया चलपी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह उस युग की राजनीति, राजनेताओं और शासन प्रणाली का विवरण भी करते हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव भी लिखे हैं। इसलिए यह पुस्तक बड़ी ज्ञानवर्धक है। इसमें पाठकों के लिए हर प्रकार की रोचक सामग्री मौजूद है। औलिया चलपी ने उस दौर के शासकों और राजनीतिज्ञों के साथ अपने संबंधों का विवरण भी लिखा है। विभिन्न देशों की राजनैतिक स्थिति के जिक्र के कारण यह पुस्तक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज़ बन गई है।

यूं तो सभी मुस्लिम यात्रियों के सफ़रनामे आज भी इतिहास के विद्यार्थियों के लिए प्रकाश स्तंभ हैं लेकिन कुछ लोगों ने जिस प्रकार आम आदमी के रहन-सहन पर प्रकाश डाला है वह यूरोपीय इतिहासकारों या यात्रियों के यहाँ नज़र नहीं आता। औलिया चलपी का सफ़रनामा आज भी अपार जानकारी का भण्डार समझा जाता है।

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